बस्ती: भाजपा के संजय चौधरी बने छठे जिला पंचायत अध्यक्ष, सपा को मिले मात्र चार वोट
सुबह ग्यारह बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक चला मतदान, तीन बजे शुरू हुई मतगणना, भाजपा सांसद समेत पांचों विधायक सुबह से मतदान स्थल पर रहे मौजूद, जीत के बाद मनाई खुशी।
विस्तार
बस्ती जिले में भारतीय जनता पार्टी के संजय चौधरी शनिवार को जिले के छठे जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए गए। उन्हें 43 में से 39 जिला पंचायत सदस्यों ने मत दिया। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के वीरेंद्र चौधरी को महज चार वोट ही मिले। जीत से भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने अबीर-गुलाल उड़ा कर जश्न मनाया। वहीं, सपा खेमे में मायूसी का आलम दिखा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी के न्यायालय कक्ष में सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हुआ। सबसे पहले भाजपा के उम्मीदवार मतदान करने पहुंचे। उसके बाद शहर के अलग-अलग होटलों में ठहरे जिला पंचायत सदस्यों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। करीब साढ़े ग्यारह बजे सपा के उम्मीदवार वीरेंद्र चौधरी चार जिला पंचायत सदस्यों के साथ मतदान करने पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे तक सभी 43 जिला पंचायत सदस्य मतदान कर चुके थे।
इसमें सत्रह जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी से सहायक की मांग की थी। उनमें से दस को ही सहायक के माध्यम से मतदान करने की अनुमति दी गई। मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद दोपहर तीन बजे से डीएम के न्यायालय कक्ष में मतों की गिनती शुरू हुई। करीब आधे घंटे में ही मतगणना पूरी कर ली गई। मतगणना के बाद आए नतीजे में भाजपा की एकतरफा जीत हुई। भाजपा उम्मीदवार संजय चौधरी को 39 मत प्राप्त हुए, जबकि सपा उम्मीदवार को महज चार वोट से ही संतोष करना पड़ा।
सांसद समेत सभी विधायकों के चेहरे चमके
सपा की ओर से प्रत्याशी उतारने के बाद भाजपा के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ गया था। ऐसे में नामांकन के बाद से ही सांसद हरीश द्विवेदी, सदर विधायक दयाराम चौधरी, हर्रैया विधायक अजय सिंह, कप्तानगंज विधायक सीए सीपी शुक्ला, रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल और महादेवा विधायक रवि सोनकर चुनाव की रणनीति तैयार करने में जुट गए थे। वहीं, जब शनिवार को मतदान शुरू हुआ तो सांसद समेत सभी पांचों विधायक कलक्ट्रेट पहुंच गए। जब नतीजा आने के बाद जब भाजपा को एकतरफा जीत हो गई तो सभी चेहरे चमक उठे।
शांतिपूर्ण रहा मतदान, तैनात रहा भारी पुलिस बल
नामांकन के दौरान जिस तरह से भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। उसे देखते हुए मतदान के लिए कलक्ट्रेट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जिसके चलते मतदान और मतगणना की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई।
कलक्ट्रेट की ओर जाने वाले शास्त्री चौक, गांधी कला भवन, पालिका मार्केट समेत सभी प्रवेश द्वारों पर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। इस दौरान केवल जिला पंचायत सदस्यों और निर्वाचन से जुड़े कार्मिकों को ही जांच के बाद भीतर जाने की अनुमति दी गई। वहीं शहर में पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Write a Comment